गर्मियों के मौसम में धान की फसल में तनाछेदक को कैसे रोकथाम करे ?

गर्मी के मौसम में धान की फसल में तनाछेदक (Stem Borer) एक खतरनाक कीट होता है। यह पौधे के तने में छेद करके अंदर से खाता है, जिससे पौधे सूख जाते हैं जिसे हम (Dead Heart) या बालियाँ सफेद रह जाती हैं (White Ear)। नीचे इसकी पूरी रोकथाम की जानकारी दी गई है:


धान में तनाछेदक की पहचान

लक्षण:

  • छोटे पौधों में बीच की पत्ती सूख जाती है (Dead Heart)
  • पौधा आसानी से खिंचकर बाहर निकल आता है
  • बड़े पौधों में खाली या सफेद बालियाँ (White Ear)
  • तने में छेद दिखाई देते हैं

गर्मी में तनाछेदक बढ़ने के कारण

  • ज्यादा तापमान
  • खेत में ज्यादा नमी
  • ज्यादा नाइट्रोजन खाद (यूरिया)
  • लगातार धान की खेती

रोकथाम के उपाय

1. खेत की सफाई

  • पुराने धान के ठूंठ (डंठल) न रखें
  • खेत की गहरी जुताई करें
  • कीट के अंडे और लार्वा नष्ट हो जाते हैं

2. संतुलित खाद का प्रयोग

  • ज्यादा यूरिया न डालें
  • पोटाश (Potash) जरूर डालें
  • इससे पौधा मजबूत रहता है

उदाहरण:

  • यूरिया कम मात्रा में दें
  • MOP (पोटाश) 20–25 किलो प्रति एकड़

3. फेरोमोन ट्रैप लगाएं

  • 4–5 ट्रैप प्रति एकड़ लगाएं
  • नर कीट फंस जाते हैं
  • कीट की संख्या कम होती है

4. जैविक नियंत्रण

अगर कीट कम हो तो:

  • नीम का तेल 5 मिली प्रति लीटर पानी
  • या नीम आधारित दवा का छिड़काव

दवा द्वारा नियंत्रण (सबसे असरदार तरीका)

1. क्लोरान्ट्रानिलिप्रोल 18.5% SC

  • मात्रा: 60–80 मिली प्रति एकड़
  • पानी: 150 लीटर
  • बहुत असरदार दवा
  • कीट दिखने पर छिड़काव करें

2. कार्टाप हाइड्रोक्लोराइड 50% SP

  • मात्रा: 400 ग्राम प्रति एकड़
  • अच्छा नियंत्रण देता है

3. फिप्रोनिल 5% SC

  • मात्रा: 400–500 मिली प्रति एकड़
  • शुरुआती अवस्था में असरदार

छिड़काव का सही समय

  • रोपाई के 20–25 दिन बाद
  • सीधी बुवाई में 15 से 20 दिनों के अंतराल में छिड़काव करे
  • कीट दिखाई देने पर
  • शाम के समय छिड़काव करें

ध्यान रखने वाली बातें

  • तेज धूप में छिड़काव न करें
  • एक ही दवा बार-बार न डालें
  • खेत में पानी रखें
  • दवा सही मात्रा में डालें

जल्दी पहचान कैसे करें

हर 3–4 दिन में खेत देखें:

  • सूखी पत्ती दिखे तो तना खोलकर देखें
  • अंदर कीड़ा मिलेगा