मूंग की खेती कैसे करें (पूरी जानकारी – आसान भाषा में)
नमस्कार किसान भाइयों, यदि आप भी इस साल मूंग की खेती करने की सोच रहे हैं और चाहते हैं कि कम लागत में ज्यादा उत्पादन मिले, तो यह लेख आपके लिए है बेहद उपयोगी है। मूंग की खेती ऐसी फसल मानी जाती है जो कम समय में तैयार होकर अच्छा मुनाफा देती है। लेकिन कई बार सही जानकारी के अभाव में किसान अपेक्षित पैदावार नहीं ले पाते। इसी कारण आज हम आपको मूंग की खेती से जुड़ी हर जरूरी जानकारी सरल भाषा में देने जा रहे हैं, जिसमें बुआई का सही समय, खेत की तैयारी, मिट्टी का चयन, उन्नत किस्में, खाद-उर्वरक, सिंचाई और रोग नियंत्रण की पूरी जानकारी शामिल है।
1. मूंग की फसल कैसी दिखती है
मूंग (Green Gram) (60–70 दिन) में तैयार होने वाली दलहनी फसल है। यह मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती है और कम पानी में भी जायदा उपज देती है।
2. जलवायु और समय
मूंग की गर्मी और खरीफ दोनों मौसम में बोवाई की जाती है
- गर्मी की फसल (Summer): फरवरी–मार्च
- खरीफ फसल: जून–जुलाई
- तापमान: 25–35°C सबसे अच्छा
3. भूमि की तैयारी
- अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी सबसे अच्छी
- 2–3 बार जुताई करें
- खेत को समतल बनाएं
4. बीज और बुवाई
- बीज दर: 12–15 किलो प्रति एकड़
- लाइन से लाइन दूरी: 30–45 सेमी
- पौधे से पौधे दूरी: 10 सेमी
- गहराई: 3–4 सेमी
बुवाई से पहले बीज को फफूंदनाशक से ट्रीट करें
5. सिंचाई (Irrigation)
- गर्मी में 4–5 सिंचाई जरूरी
- पहली सिंचाई बुवाई के 20–25 दिन बाद
- फूल आने और दाना बनने पर पानी अवश्य दें
6. खाद और उर्वरक
- गोबर की खाद: 1–2 ट्रॉली प्रति एकड़
- DAP: 40–50 किलो प्रति एकड़
- यूरिया कम मात्रा में छिड़काव करे
7. इसमें लगने वाले कीड़े और इनके रोकथाम
मुख्य कीट:
- सफेद मक्खी
- थ्रिप्स
- माहू
रोग:
- पीला मोज़ेक वायरस
दवा:
- Imidacloprid 17.8% SL
- Thiamethoxam 25% WG
(सही मात्रा में छिड़काव करें)
8. फसल की कटाई और उत्पादन
- फसल 60–70 दिन में तैयार
- जब फलियाँ काली/भूरी हो जाएं तो कटाई करें
- उपज: 4–6 क्विंटल प्रति एकड़
