DAP, TSP, SSP और NPK में क्या फर्क है? कौन-सी खाद किसानों के लिए सबसे असरदार है?

DAP, TSP, SSP और NPK में क्या फर्क है? कौन-सी खाद सबसे असरदार है किसानों के लिए

यहाँ आपके लिए एक सरल, समझने योग्य और कॉपीराइट-फ्री ब्लॉग प्रस्तुत है:


DAP, TSP, SSP और NPK में क्या फर्क है? कौन-सी खाद किसानों के लिए सबसे असरदार है?

खाद (Fertilizer) फसलों के लिए उसी तरह ज़रूरी है जैसे इंसान के लिए भोजन। फसल को सही मात्रा में पोषण मिले तो उत्पादन बढ़ता है, मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और पौधे रोगों से लड़ने में सक्षम होते हैं। खेती में इस्तेमाल होने वाली खादों में DAP, SSP, TSP और NPK का नाम अक्सर सुनने में आता है। लेकिन इनके बीच फर्क क्या है और कौन-सी खाद कब उपयोग करनी चाहिए — यह बात कई किसान अभी भी सही तरीके से नहीं जानते।

इस लेख में हम इन चारों खादों का तुलना सहित विश्लेषण करेंगे ताकि फैसला लेना आसान हो जाए।


1 . DAP (डाय-अमोनियम फॉस्फेट)

संरचना:

  • Nitrogen (N): 18%
  • Phosphorus (P₂O₅): 46%

किसके लिए उपयोग:

  • गेहूँ, धान, गन्ना, मक्का, सोयाबीन और अधिकांश अनाज फसलों के लिए उपयुक्त।
  • बुवाई के समय बेसल डोज़ के रूप में उपयोग होती है।

फायदे:
1 पौधों में जड़ (root system) मजबूत बनाती है
2 शुरुआती विकास तेज करती है
3 लंबे समय तक असर देती है

नुकसान:
लंबे समय तक अधिक मात्रा में इस्तेमाल करने से मिट्टी कठोर हो सकती है
माइक्रो-न्यूट्रीअन्ट्स की कमी बढ़ती है


2 . SSP (सिंगल सुपर फॉस्फेट)

संरचना:

  • Nitrogen: 0%
  • Phosphorus: 16%
  • Sulphur (S): ≈12%
  • Calcium भी मौजूद होता है

किसके लिए उपयोग:

  • दालें, सरसों, मूंगफली, प्याज़ और सल्फर पसंद करने वाली फसलें।

फायदे:
1 सल्फर और कैल्शियम जैसी माइक्रो न्यूट्रिएंट्स मिलते हैं
2 मिट्टी की संरचना सुधारता है
3 DAP से सस्ता होने के कारण किफ़ायती विकल्प

नुकसान:
फॉस्फोरस की मात्रा कम होने से मनचाहा असर पाने के लिए ज्यादा मात्रा देनी पड़ती है


3 . TSP (ट्रिपल सुपर फॉस्फेट)

संरचना:

  • Phosphorus (P₂O₅): 46%
  • Nitrogen: नहीं

किसके लिए उपयोग:

  • ऐसी ज़मीन जहाँ सिर्फ Phosphorus की कमी हो, Nitrogen की नहीं।

फायदे:
उच्च फॉस्फोरस सामग्री
जड़ और फूलों के विकास के लिए बहुत प्रभावी

नुकसान:
Sulphur या Nitrogen नहीं, इसलिए संतुलित उपयोग ज़रूरी


4 . NPK खाद

संरचना:

  • N : Nitrogen
  • P : Phosphorus
  • K : Potassium

यह अलग-अलग फसलों और मिट्टी की जरूरत के हिसाब से अलग-अलग फॉर्म में आती है:

  • 10-26-26
  • 12-32-16
  • 19-19-19
  • 20-20-20 आदि।

फायदे:
एक बैलेंस्ड खाद, तीन प्रमुख पोषक तत्व शामिल
सभी फसलों में इस्तेमाल हो सकती है
मिट्टी की उर्वरता और पैदावार दोनों बढ़ाती है

नुकसान:
महंगी होती है
बिना मिट्टी परीक्षण (soil testing) के अधिक मात्रा नुकसानदेह


तो किसान के लिए सबसे प्रभावी खाद कौन-सी है?

यह मिट्टी की स्थिति और फसल पर निर्भर करता है।

परिस्थितिसबसे उपयुक्त खाद
मिट्टी में नाइट्रोजन और फॉस्फोरस की कमीDAP
सल्फर और कैल्शियम की कमीSSP
सिर्फ फॉस्फोरस की कमीTSP
मिट्टी को सभी मुख्य पोषक तत्व चाहिएNPK

 सबसे अच्छा तरीका: पहले मिट्टी परीक्षण (Soil Test) कराएं और उसके अनुसार खाद का चुनाव करें।


निष्कर्ष

DAP, SSP, TSP और NPK सभी उपयोगी और प्रभावी खादें हैं, लेकिन उनका सही उपयोग तभी सकता है जब किसान मिट्टी और फसल की जरूरत को समझकर संतुलित तरीके से उनका इस्तेमाल करे। तभी आपको पैदावारी में बढ़ोतरी देखने को मिलेगा।

जरूरत के अनुसार सही खाद —
तो फसल ज्यादा, लागत कम और मिट्टी उपजाऊ!


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