
जानिए फसल में खाद डालने का सही तरीका
आज के समय में अच्छी पैदावार पाने के लिए सिर्फ उन्नत बीज ही नहीं, बल्कि खाद की सही मात्रा में उपयोग भी बहुत जरूरी है। अधिक या कम खाद डालने से फसल को नुकसान हो सकता है और लागत भी बढ़ जाती है। इसलिए हर किसान भाई को यह जानना चाहिए कि कौन-सी खाद, कितनी मात्रा में और कब डालनी चाहिए। और यह जानकरी सभी किसान भाइयो होनी आवश्यक है।
खाद क्या होती है?
खाद वह पोषक तत्व है जो मिट्टी की उर्वरक शक्ति को बढ़ाकर फसल को आवश्यक पोषण प्रदान करती है। खाद दो प्रकार की होती है:
- जैविक खाद
- रासायनिक खाद
1. जैविक खाद की सही मात्रा
गोबर की खाद / कम्पोस्ट
- मात्रा: 8–10 टन प्रति हेक्टेयर
- उपयोग: खेत की जुताई से पहले
- लाभ:
- मिट्टी की भुरभुरी और मिट्टी की दसा सुधारती है
- जल धारण क्षमता बढ़ाती है
वर्मी कम्पोस्ट
- मात्रा: 2–3 टन प्रति हेक्टेयर
- उपयोग: बुवाई से पहले या खड़ी फसल में
- लाभ:
- सूक्ष्म पोषक तत्व प्रदान करता है
- मिट्टी को जीवित बनाता है
2. रासायनिक खाद की सही मात्रा
नाइट्रोजन (N)
- उदाहरण: यूरिया
- मात्रा: 100–120 किग्रा नाइट्रोजन/हेक्टेयर
- उपयोग:
- आधी मात्रा बुवाई में
- आधी मात्रा टॉप ड्रेसिंग में
फास्फोरस (P)
- उदाहरण: डीएपी, एसएसपी
- मात्रा: 40–60 किग्रा/हेक्टेयर
- उपयोग: बुवाई के समय
- लाभ:
- जड़ विकास
- फूल और दाना बनने में सहायक
पोटाश (K)
- उदाहरण: म्यूरेट ऑफ पोटाश
- मात्रा: 40–50 किग्रा/हेक्टेयर
- उपयोग: बुवाई के समय
- लाभ:
- फसल को रोगों से बचाता है
- दाने की गुणवत्ता बढ़ाता है
फसल के अनुसार खाद की मात्रा (उदाहरण)
गेहूं
- यूरिया: 120–130 किग्रा/हेक्टेयर
- डीएपी: 100 किग्रा/हेक्टेयर
- पोटाश: 40 किग्रा/हेक्टेयर
धान
- यूरिया: 150 किग्रा/हेक्टेयर
- डीएपी: 100 किग्रा/हेक्टेयर
- जिंक सल्फेट: 25 किग्रा/हेक्टेयर
अधिक खाद डालने के नुकसान
- फसल जल सकती है
- कीट और रोग बढ़ते हैं
- मिट्टी खराब होती है
- लागत बढ़ जाती है
सही खाद प्रबंधन के लिए सुझाव
- मिट्टी परीक्षण अवश्य कराएं
- संतुलित खाद का उपयोग करें
- जैविक और रासायनिक खाद का संतुलन रखें
- जरूरत से ज्यादा खाद न डालें