
नमस्कार किसान भाइयो आज हम बात करेंगे धान की फसल में होने वाली एक खतरनाक बीमारी की बारे में जिसका असर हमारे धान की बालियों में दीखता है जिसके कारण हमारी जो धान की बलिया व कल्ले लाल दिखाई पड़ती है जिसे हम लाल बदरा या फिर झुलसा रोग भी कहते है आज हम बात करंगे की यह रोज आता कहा से है और इसका उपाय हम कैसे कर कस्ते साथ ही इसके रोकथाम करने की दवाई और इसकी पूरी जानकरी के बारे में बात करेंगे तो \किसान भाइयो इस जानकरी को पूरा पढ़े
यह रोग होता कैसे है ?
धान में यह रोग Bacterial Leaf Blight बैक्टीरिया से होता है, जिसका नाम Xanthomonas oryzae है।
यह खासकर गर्मी + नमी (humidity) में तेजी से फैलता है।
असरदार दवाइयाँ (Medicines for BLB)
1. स्ट्रेप्टोसाइक्लिन (Streptocycline)
- मात्रा: 0.5 ग्राम + 1 लीटर पानी
- या: 10–12 ग्राम/एकड़
- काम: बैक्टीरिया को रोकने में बहुत असरदार
2. कॉपर ऑक्सीक्लोराइड (Copper Oxychloride 50% WP)
- मात्रा: 2.5–3 ग्राम/लीटर पानी
- काम: रोग को फैलने से रोकता है
- स्ट्रेप्टोसाइक्लिन के साथ मिलाकर स्प्रे करें → ज्यादा असर
3. कासुगामाइसिन (Kasugamycin 3% SL)
- मात्रा: 2–2.5 ml/लीटर पानी
- काम: बैक्टीरिया पर सीधा असर
4. प्लांटोमाइसिन (Plantomycin)
- मात्रा: 10 ग्राम/एकड़
- काम: बैक्टीरियल रोगों के लिए खास दवाई
स्प्रे करने का सही तरीका
- पहला स्प्रे: रोग दिखते ही तुरंत
- दूसरा स्प्रे: 5–7 दिन बाद
- कुल: 2–3 बार छिड़काव करें
- पानी की मात्रा: 150–200 लीटर/एकड़