नमस्कार किसान भाइयो आज हम बात करने वाले है घर में ही हम बीज को उपचार या संसोधन कर कैसे इसे मार्केट में बिकने वाले धान बराबर कैसे क्यूकि धान की अच्छी पैदावार पाने के लिए बीजो का सही चयन करना और बीज का उपचारित होना बहुत आवश्यक है। और बीज को उपचारित करने फसल भी अच्छा रहता है और धान की पैदावारी में भी बढ़ोतरी देखने को मिलता है। कई किसान भाई बीज को बिना उपचारित करे ही बुवाई कर देते है जिसके कारण फसल कमजोर और पैदावारी में भी अन्तर देखने को मिलता है।

धान में बीज उपचार क्यों जरूरी है?
धान के बीज उपचार से कई फायदे मिलते हैं:
- बीज जनित रोगों से बचाव
- अंकुरण प्रतिशत बढ़ता है
- पौधे मजबूत और स्वस्थ बनते हैं
- शुरुआती फफूंद रोग कम होते हैं
- अच्छी उपज मिलने की संभावना बढ़ती है
धान की बीज उपचार के लिए कौन सी दवा इस्तेमाल करें?
1. कार्बेन्डाजिम (Carbendazim 50 WP)
यह दवा फफूंद जनित रोगों से बचाने में मदद करती है।
- मात्रा: 2 ग्राम प्रति किलो बीज
2. विटावैक्स पावर (Vitavax Power)
धान की नर्सरी और शुरुआती रोग नियंत्रण में उपयोगी मानी जाती है।
- मात्रा: 2–3 ग्राम प्रति किलो बीज
3. ट्राइकोडर्मा (Trichoderma)
यह जैविक (ऑर्गेनिक) विकल्प है जो बीज को रोगों से बचाने और जड़ विकास में मदद करता है।
- मात्रा: 5–10 ग्राम प्रति किलो बीज
धान का बीज उपचार कैसे करें? (स्टेप बाय स्टेप)
- सबसे पहले साफ और अच्छे बीज चुनें।
- बीज को साफ करके छाया में रखें।
- तय मात्रा में दवा लें।
- हल्का पानी छिड़ककर दवा को बीज में अच्छी तरह मिलाएं।
- बीज को छाया में 20–30 मिनट सुखाएं।
- इसके बाद नर्सरी या बुवाई करें।
नमक घोल से बीज छंटाई कैसे करें?
बीज उपचार से पहले नमक के घोल से हल्के और खराब बीज अलग करना अच्छा रहता है।
- पानी में नमक मिलाकर घोल बनाएं
- बीज डालें
- ऊपर तैरने वाले बीज निकाल दें
- नीचे बैठे बीज को साफ पानी से धो लें
धान बीज उपचार करते समय सावधानियां
- दवा की सही मात्रा का ही उपयोग करें
- ज्यादा दवा का उपयोग न करें
- उपचार के बाद बीज को धूप में न सुखाएं
- दस्ताने पहनकर दवा मिलाएं