
भारत सरकार की ओर से किसानों के लिए इस वर्ष एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। साल 2024-25 के खरीफ और रबी सीजन में सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर रिकॉर्ड खरीदी करते हुए किसानों को लगभग ₹3.47 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया है। यह भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में किया गया है, जिससे पारदर्शिता और किसानों की आर्थिक स्थिति दोनों में मजबूती आई है।
MSP क्या है और किसानों के लिए क्यों जरूरी है?
MSP यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य, वह कीमत होती है जिस पर सरकार किसानों की फसल खरीदने की गारंटी देती है। इसका मुख्य उद्देश्य:
किसानों को सही दाम दिलाना
बाजार में भाव गिरने पर नुकसान से बचाना
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना
MSP का लाभ खासकर तब मिलता है जब बाजार में दाम लागत से कम हो जाते हैं।
इस वर्ष MSP पर खरीदी गई प्रमुख फसलें
सरकार ने इस बार कुल 22 फसलों पर MSP लागू किया है। इनमें प्रमुख फसलें हैं:
| फसल का नाम | श्रेणी |
|---|---|
| गेहूं | रबी |
| धान | खरीफ |
| मकई (मक्का) | खरीफ |
| जौ | रबी |
| सोयाबीन | खरीफ |
| बाजरा | खरीफ |
| कपास (Cotton) | नकदी फसल |
| मूंग, उड़द, अरहर | दालें |
| सरसों, मूंगफली, सूरजमुखी | तिलहन फसलें |
इनके साथ चना, मसूर और कई अन्य दलहनी-तिलहनी फसलों की खरीद भी सरकारी एजेंसियों द्वारा MSP पर की गई।
इस फैसले से किसानों को क्या लाभ हुआ?
सरकारी खरीदी का यह रिकॉर्ड भुगतान किसानों के लिए कई लाभ लेकर आया है:
- आय में वृद्धि
- भाव गिरावट से सुरक्षा
- समर्थन योजनाओं का सीधा लाभ
- बिचौलियों पर निर्भरता कम
- भुगतान सीधे किसान खाते में
इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तेजी आई है और खेती अब पहले से ज़्यादा लाभकारी होती दिखाई दे रही है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार:
“MSP पर की गई इतनी बड़ी खरीद किसानों के आत्मविश्वास को बढ़ाती है और भविष्य में फसल उत्पादन एवं खेती में निवेश को बढ़ावा देती है।”
किसानों के लिए जरूरी सुझाव
अगर आप किसान हैं तो:
अपनी फसल बेचने से पहले e-Mandi या MSP खरीद केंद्र की जानकारी ज़रूर लें
PM-Kisan पोर्टल, CSC या कृषि कार्यालय से अपडेट लेते रहें
बिचौलियों पर बिना दाम जांचे भरोसा न करें
निष्कर्ष
सरकार द्वारा MSP पर ₹3.47 लाख करोड़ का भुगतान किसानों के लिए एक मजबूत आर्थिक सहारा है। इससे न केवल किसान लाभान्वित हुए हैं, बल्कि कृषि क्षेत्र में स्थिरता भी बढ़ी है। आने वाले वर्षों में यदि MSP प्रणाली और मजबूत होती है तो खेती एक मजबूत और सम्मानजनक व्यवसाय के रूप में उभरेगी।