हाल की कृषि-खबरें

Indian Sugar & Bio‑Energy Manufacturers Association (ISMA) की रिपोर्ट: चीनी उत्पादन में 43% की उछाल

  • अक्टूबर–नवंबर 2025 में भारत की चीनी उत्पादन 2024-25 की तुलना में 43% बढ़कर 4.1 मिलियन मीट्रिक टन रही।
  • महाराष्ट्र में उत्पादन सबसे अधिक — वहाँ एक अकेले राज्य में टनिहीन चीनी उत्पादन तीन गुना बढ़ा। वहीं उत्तर प्रदेश में उत्पादन में 9% वृद्धि हुई।
  • उत्पादन में सुधार मुख्यतः बेहतर रिकवरी रेट और क्रशिंग गतिविधियों में तेजी के कारण है।
  • हालांकि, वैश्विक बाजार में चीनी कीमतें कम होने के कारण निर्यात में बाधाएं आ रही हैं — जिससे मिलों को घरेलू स्तर पर floor-price बढ़ाने की मांग है।

उदाहरण: चीनी किसानों और मिलों दोनों के लिए यह उत्पादन बढ़ोतरी अच्छी खबर है — आपूर्ति स्थिर हुई है, लेकिन सरकार और मिलों को कीमत व बिक्री रणनीति पर ध्यान देना पड़ेगा।


EIMA Agrimatch India 2025 — हरित-ईंधन आधारित कृषि मशीनरी की ओर भारत

  • नई दिल्ली में हाल ही समाप्त इस प्रदर्शनी में 20,000 से अधिक किसान, 4000+ डीलर/वितरक और 180+ कंपनियाँ शामिल हुईं।
  • आयोजन का मुख्य उद्देश्य हरित ईंधन (environment-friendly fuel) आधारित मशीनरी को बढ़ावा देना था — जैसे इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर, CBG आधारित उपकरण आदि। जिससे खेती में लागत कम हो सके और पर्यावरण सुरक्षित रहे।
  • साथ ही, इस प्रदर्शनी में महिला-किसानों को ध्यान में रखते हुए उनके लिए अनुकूल उपकरणों (gender-friendly tools) विकसित करने का जोर था।
  • भारत-विदेश साझेदारी के जरिये कृषि की आधुनिकता और आत्मनिर्भरता की ओर कदम, जिससे भविष्य में खेती अधिक उत्पादक, आर्थिक और टिकाऊ बने।

उदाहरण: भारत में अब केवल पारंपरिक खेती नहीं रह गई — आधुनिक, कॉम्पैक्ट, इको-फ्रेंडली और महिला-अनुकूल खेती की दिशा में कदम बढ़ रहा है, जो आप जैसे किसानों या कृषि-रुचि रखने वालों के लिए सकारात्मक संकेत है।


Minimum Support Price (MSP) के तहत 2024-25 में 3.47 लाख करोड़ रुपये किसानों को भुगतान

  • 2024–25 फसल वर्ष के दौरान केंद्र सरकार ने 22 फसलों के लिए MSP तय किया था
  • इसके तहत करीब 1,223 लाख मीट्रिक टन अनाज की खरीद की गई, और किसानों को कुल ₹3.47 लाख करोड़ सीधे भुगतान किए गए।
  • इस कदम से किसानों की आय में स्थिरता और भरोसा बना — खेती आज भी व्यावसायिक और लाभकारी बनी रहे।

उदाहरण: MSP प्रणाली और सरकार की फसल-खरीद नीति से सामान्य और छोटे किसान भरोसे में रहे — खेती अब सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि एक भरोसेमंद व्यवसाय बन कर उभरी है।


कृषि-उर्वरक सेक्टर में बदलाव: नैनो उर्वरकों (Nano Fertilisers) की प्रभावशीलता पर फील्ड-ट्रायल की सिफारिश

  • हाल ही में संसद की एक स्थायी समिति ने सरकार से आग्रह किया है कि नैनो लिक्विड उर्वरकों — जैसे नैनो यूरीया, नैनो DAP — पर लंबी अवधि के फील्ड ट्रायल करवाए जाएँ, ताकि ये पता चल सके कि ये पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में कितने असरदार और सुरक्षित हैं।
  • अगर ये सफल होते हैं, तो भविष्य में किसानों को सस्ता, कम रासायनिक और अधिक स्थायी उर्वरक विकल्प मिल सकता है — जो मिट्टी की सेहत और उत्पादन दोनों के लिए बेहतर होगा।

परिभाषा: यह प्रस्तावित बदलाव किसानों के लिए नई उम्मीद है कि पारंपरिक उर्वरकों की निर्भरता कम होगी — और खेती लंबे समय तक सुरक्षित व टिकाऊ बनेगी।



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Post

काला सोना का इस्तेमाल कैसे करें ❓ How To Use Kala Sonaकाला सोना का इस्तेमाल कैसे करें ❓ How To Use Kala Sona

नमस्कार किसान भाइयों kheti info इस पेज परआपका स्वागत है इस पेज पर आपको कृषि और दवाई से संबंधित लगभग सभी जानकारी दी जाएगी तो अब बात करते है। महाराष्ट्र

koranda 505 का इस्तेमाल कैसे करें ❓ पूरी जानकारी हिन्दी में How To Use korandakoranda 505 का इस्तेमाल कैसे करें ❓ पूरी जानकारी हिन्दी में How To Use koranda

नमस्कार किसान भाइयों आज हम बात करेंगे Tata कंपनी सबसे भरोसेमंद दवाई koranda कोराडा के बारे में और आज हम इसका टेक्निकल नाम क्या है ❓ इसका प्रति एकड़ dose